CTC, ग्रॉस और टेक-होम: आपकी सैलरी का एक हिस्सा कहाँ जाता है

छोटा जवाब: CTC (cost to company) वह पूरी रकम है जो आपकी कंपनी साल भर में आप पर ख़र्च करती है। इसमें से कुछ पैसा आपकी महीने की सैलरी में कभी दिखता ही नहीं। दो उदाहरण हैं: कंपनी का PF योगदान (PF यानी Provident Fund, लंबे समय की बचत का खाता) और ग्रेच्युटी (कई साल काम करने के बाद नौकरी छोड़ने पर मिलने वाली एकमुश्त रकम)। ग्रॉस सैलरी वह है जो कोई भी कटौती होने से पहले आपको मिलती है। टेक-होम वह रकम है जो आपके अपने PF, प्रोफ़ेशनल टैक्स और इनकम टैक्स (TDS: वह टैक्स जो कंपनी आपकी सैलरी से काटकर सरकार को जमा करती है) कटने के बाद असल में आपके बैंक खाते में आती है। ₹6 लाख CTC का मतलब हर महीने हाथ में ₹50,000 नहीं है। हमारे उदाहरण में यह लगभग ₹42,900 है।
स्थिति
प्रिया, 23 साल, को पुणे में पहली नौकरी का ऑफ़र मिला है: “CTC ₹6,00,000 per annum” (सालाना)। वह इसे 12 से भाग देती है और ₹50,000 महीने के हिसाब से किराए की योजना बनाती है। उसकी पहली सैलरी ₹42,886 आती है। ऐसा क्यों हुआ?
आपकी सैलरी की तीन परतें
CTC
− कंपनी का PF योगदान
− ग्रेच्युटी प्रावधान (और कंपनी की तरफ़ के दूसरे ख़र्च)
= ग्रॉस सैलरी
− आपका PF योगदान
− प्रोफ़ेशनल टैक्स (कुछ राज्यों में)
− स्रोत पर काटा गया इनकम टैक्स (TDS)
− दूसरी कटौतियाँ (जैसे लोन की वसूली, कैंटीन)
= टेक-होम सैलरी
“ग्रेच्युटी प्रावधान” वह रकम है जो कंपनी आपकी भविष्य की ग्रेच्युटी के लिए हर महीने अलग रखती है।
प्रिया की काल्पनिक सैलरी स्लिप
मान्यताएँ: महाराष्ट्र में प्राइवेट नौकरी; बेसिक सैलरी महीने के CTC का 48% है; कंपनी और कर्मचारी दोनों का PF बेसिक का 12% है; ग्रेच्युटी प्रावधान CTC के अंदर दिखाया गया है; कोई बोनस या वेरिएबल पे नहीं; नई टैक्स व्यवस्था; Tax Year 2026–27। सभी संख्याएँ सिर्फ़ उदाहरण हैं, कोई असली ऑफ़र नहीं।
| हर महीने | ₹ |
|---|---|
| बेसिक | 24,000 |
| मकान किराया भत्ता (HRA) | 9,600 |
| स्पेशल अलाउंस | 12,366 |
| ग्रॉस सैलरी | 45,966 |
| + कंपनी का PF (बेसिक का 12%) | 2,880 |
| + ग्रेच्युटी प्रावधान | 1,154 |
| CTC (महीने का) | 50,000 |
अब ग्रॉस में से कटौतियाँ घटाइए:
| हर महीने | ₹ |
|---|---|
| ग्रॉस सैलरी | 45,966 |
| − कर्मचारी का PF (बेसिक का 12%) | 2,880 |
| − प्रोफ़ेशनल टैक्स (महाराष्ट्र) | 200 (फ़रवरी में ₹300) |
| − TDS (इनकम टैक्स) | 0 |
| टेक-होम | 42,886 |
पूरे साल में प्रिया के हाथ में ₹5,14,532 आते हैं, यानी उसके CTC का लगभग 86%।
₹85,468 कहाँ गए?
| सालाना | |
|---|---|
| कंपनी का PF (CTC का हिस्सा, उसके PF खाते में जाता है) | ₹34,560 |
| उसका अपना PF (ग्रॉस से कटता है, यह भी उसके PF खाते में जाता है) | ₹34,560 |
| ग्रेच्युटी प्रावधान (तभी मिलता है जब वह ज़रूरी सालों की नौकरी के बाद कंपनी छोड़े) | ₹13,848 |
| प्रोफ़ेशनल टैक्स | ₹2,500 |
| कुल | ₹85,468 |
इसमें से ज़्यादातर पैसा “खोया” नहीं है। ₹69,120 उसके PF में जाते हैं, यानी भविष्य की बचत, जिस पर ब्याज मिलता है। लेकिन यह पैसा वह इस महीने ख़र्च नहीं कर सकती। इसलिए उसे अपना बजट ₹50,000 पर नहीं, ₹42,886 पर बनाना चाहिए।
उसका इनकम टैक्स शून्य क्यों है?
Tax Year 2026–27 की नई टैक्स व्यवस्था में:
- साल की ग्रॉस सैलरी: ₹5,51,592
- नौकरीपेशा लोगों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन (₹75,000) घटाने के बाद, यानी एक तय रकम जो टैक्स निकालने से पहले घटाई जाती है: टैक्स योग्य आय ₹4,76,592
- स्लैब दरों पर टैक्स (ऐसी दरें जो आय बढ़ने के साथ सीढ़ी की तरह बढ़ती हैं): ₹4,00,000 से ऊपर के हिस्से पर 5% = ₹3,830
- रिबेट (टैक्स पर ही मिलने वाली छूट): अगर आप भारत के निवासी हैं और आपकी टैक्स योग्य आय ₹12 लाख तक है, तो रिबेट से पूरा टैक्स ख़त्म हो जाता है। टैक्स = ₹0।
अगर आप इससे ज़्यादा कमाते, तो हर महीने सैलरी से TDS कटता दिखता। कंपनी पूरे साल के आपके संभावित टैक्स का हिसाब लगाती है और उसे हर महीने की सैलरी में बाँट देती है।
टैक्स के नियम टैक्स ईयर पर और इस पर निर्भर करते हैं कि आप कौन-सी टैक्स व्यवस्था (टैक्स नियमों का सेट) चुनते हैं। 1 अप्रैल 2026 से भारत का नया Income-tax Act, 2025 “Tax Year” शब्द इस्तेमाल करता है (2026–27 पहला है)। पुरानी टैक्स तालिकाओं को बिना जाँचे दोबारा इस्तेमाल न करें।
टेक-होम उम्मीद से कम होने की वजहें
- CTC में शामिल वेरिएबल पे या बोनस। यह साल में एक बार आ सकता है, या सिर्फ़ इसका कुछ हिस्सा मिल सकता है। इसे महीने की आमदनी में न गिनें।
- बीमा प्रीमियम या मील कार्ड जो CTC के अंदर गिने जाते हैं।
- ज़्यादा बड़े आधार पर PF। 17 सितंबर 2026 से PF की वेज सीलिंग (सैलरी की वह सीमा जहाँ तक PF अनिवार्य है) ₹25,000 महीना है (पहले ₹15,000 थी), जैसा श्रम मंत्रालय ने घोषित किया है। हम अभी EPFO की आधिकारिक अधिसूचना से इसकी जाँच कर रहे हैं। अगर आपकी बेसिक सैलरी और DA मिलाकर ₹25,000 तक है, तो आपकी पूरी बेसिक पर PF कटना ज़रूरी है। पुराने ऑफ़रों की तुलना में इससे आपका टेक-होम कम हो सकता है।
- नए लेबर कोड (21 नवंबर 2025 से लागू): अगर भत्ते, यानी HRA जैसे सैलरी के अतिरिक्त हिस्से, आपकी सैलरी के 50% से ज़्यादा हैं, तो PF और ग्रेच्युटी के लिए उनका एक हिस्सा “वेतन” (wages) में वापस जोड़ा जाता है। इस तरह कुछ पैसा टेक-होम से PF में जा सकता है।
ऑफ़र स्वीकार करने से पहले HR से पूछने वाले सवाल
- मेरी तय मासिक ग्रॉस सैलरी कितनी है, और हर महीने कितना टेक-होम आने की उम्मीद है?
- CTC का कितना हिस्सा वेरिएबल है, और वह कब और कैसे मिलता है?
- सैलरी के अलावा CTC में क्या-क्या शामिल है: PF, ग्रेच्युटी, बीमा, मील कार्ड?
- क्या PF मेरी पूरी बेसिक सैलरी पर गिना जाता है?
- TDS किस टैक्स व्यवस्था के हिसाब से काटा जाएगा, और मैं अपनी पसंद आपको कैसे बताऊँ?
आज क्या जाँचें
- अपनी पिछली सैलरी स्लिप खोलें और तीन संख्याएँ ढूँढें: ग्रॉस, कुल कटौतियाँ, नेट पे।
- जाँचें कि नेट पे उतना ही है जितना आपके बैंक खाते में आया।
- अपना बजट नेट पे पर बनाएँ, और बोनस को अलग रखें।
अपनी संख्याओं से आज़माएँ
→ सैलरी कैलकुलेटर: अपनी सैलरी स्लिप के टेक-होम से शुरू करें (क्विक मोड), या किसी CTC ऑफ़र को हिस्सों में बाँटकर देखें (डिटेल्ड मोड)। हम आपका PAN या Aadhaar नहीं माँगते।
स्रोत और समीक्षा
- Income Tax Department — Income Tax Calculator user manual (Income-tax Act 2025 / Tax Year 2026–27): https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/help/all-topics/e-filing-services/income-tax-calculator-um
- Income-tax Act, 2025 comes into force from 1 April 2026: https://www.incometaxindia.gov.in/w/income-tax-act-2025-comes-into-force-from-1st-april-2026
- PIB — EPFO wage ceiling raised to ₹25,000 from 17 September 2026 (Ministry of Labour, 16 Sep 2026): https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2310973
- PIB — EPF wage ceiling revision (Sep 2026): https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2310811
- Ministry of Labour — FAQs on Labour Codes: https://www.labour.gov.in/static/uploads/2026/01/de4758d5bfeffc456d7de97a801891b0.pdf
- सैलरी स्लिप का उदाहरण और हिसाब Paisavy ने तैयार किया है।
लागू: Tax Year 2026–27।
यह शैक्षिक जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं। कोई ग़लती दिखी? हमें बताएँ → · सुधारों की सूची