PF का मतलब
PF या EPF यानी Employees’ Provident Fund (कर्मचारी भविष्य निधि)। यह नौकरीपेशा लोगों के लिए रिटायरमेंट की बचत का खाता है, जिसे EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) चलाता है। हर महीने आपकी बेसिक सैलरी का 12% (अगर DA यानी महंगाई भत्ता मिलता है, तो बेसिक और DA मिलाकर) आपकी सैलरी से कटता है। कंपनी भी उतना ही, 12%, डालती है।
लोग “PF” और “EPF” एक ही चीज़ के लिए बोलते हैं। यह पैसा ब्याज के साथ बढ़ता है और आगे की ज़िंदगी के लिए है, हालाँकि कुछ हालात में पहले भी निकाला जा सकता है।
संजय का 24% कहाँ जाता है
संजय, 24 साल, की बेसिक सैलरी ₹20,000 महीना है और उसे DA नहीं मिलता। वह एक काल्पनिक उदाहरण है।
| हर महीने | ₹ | कहाँ जाता है |
|---|---|---|
| संजय का हिस्सा (12%) | 2,400 | उसका EPF खाता |
| कंपनी का हिस्सा, EPF भाग (3.67%) | 734 | उसका EPF खाता |
| कंपनी का हिस्सा, पेंशन भाग (8.33%) | 1,666 | Employees’ Pension Scheme (EPS) |
| कुल | 4,800 |
यानी कंपनी का 12% बँट जाता है। इसका ज़्यादातर हिस्सा EPS, यानी पेंशन फ़ंड, में जाता है, और सिर्फ़ 3.67% EPF बैलेंस में पहुँचता है। साल भर में संजय के EPF खाते में ₹37,608 जाते हैं (₹28,800 उसके और ₹8,808 कंपनी के)। बाकी ₹19,992 EPS में जाते हैं।
कंपनी इसके ऊपर दो छोटे शुल्क भी भरती है: EDLI (Employees’ Deposit Linked Insurance, PF से जुड़ा जीवन बीमा) के लिए 0.5% और एडमिन शुल्क के रूप में 0.5%। यहाँ दोनों में से हर एक ₹100 महीना है। कई ऑफ़र लेटर कंपनी के PF को CTC (कॉस्ट टू कंपनी) के अंदर गिनते हैं, इसलिए यह पैसा आपके पैकेज का हिस्सा है, भले ही आपको नकद में न दिखे।
EPFO ने FY 2025–26 के लिए 8.25% ब्याज घोषित किया था। दर हर साल तय होती है, इसलिए इसे पिछला आँकड़ा मानें, वादा नहीं।
वेज सीलिंग
PF के नियमों में एक वेज सीलिंग होती है: सैलरी की वह सीमा जहाँ तक PF अनिवार्य है। 17 सितंबर 2026 से इसे ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 महीना किया गया है, और पेंशन वाला हिस्सा ₹25,000 के 8.33% तक सीमित है। हम इस बदलाव को अभी आधिकारिक सूचना से मिलाकर जाँच रहे हैं। अगर आपकी बेसिक सीलिंग से ज़्यादा है, तो HR से पूछें कि PF पूरी बेसिक पर गिना जाता है या सीलिंग पर। इसका जवाब आपका टेक-होम बदल देता है।
नए लेबर कोड (21 नवंबर 2025 से लागू) भी मायने रखते हैं। अगर भत्ते आपकी सैलरी के 50% से ज़्यादा हैं, तो उनका एक हिस्सा PF के लिए “वेतन” (wages) में वापस जोड़ा जाता है। इससे PF बढ़ सकता है और टेक-होम घट सकता है।
PF कहाँ दिखता है
- आपकी सैलरी स्लिप में, कटौतियों के बीच “PF” या “EPF” के नाम से। कंपनी का हिस्सा वहाँ अक्सर नहीं दिखता।
- आपके ऑफ़र लेटर या CTC ब्रेकअप में, “employer PF contribution” के नाम से।
- EPFO मेंबर पोर्टल पर आपकी PF पासबुक में, जिसे आप अपने UAN (Universal Account Number, ज़िंदगी भर का आपका PF नंबर) से खोलते हैं। इसमें हर महीने जमा हुआ पैसा और ब्याज दिखता है।
PF क्या नहीं है
PF और PPF (Public Provident Fund) एक नहीं हैं। PPF एक अलग सरकारी बचत योजना है जिसे आप ख़ुद खोलते हैं, और हमारा PPF कैलकुलेटर उसके लिए है।
PF गँवाया हुआ पैसा भी नहीं है। यह आपका ही है, बस इस महीने ख़र्च नहीं हो सकता। अपना बजट टेक-होम पर बनाएँ।
और हर बार नौकरी बदलने पर PF बंद न करें। ट्रांसफ़र करने से आपकी सर्विस लगातार गिनी जाती है और पैसा बढ़ता रहता है। PF निकालने के नियम 2026 में बदले हैं। हमारी गाइड अपना PF निकालना में सीमाएँ, इंतज़ार की अवधि और टैक्स समझाए गए हैं।
क्या जाँचें
- अपने UAN से लॉग-इन करें और देखें कि हर महीने का पैसा जमा हुआ है।
- पासबुक को अपनी सैलरी स्लिप की PF लाइन से मिलाएँ।
- पक्का करें कि आपका Aadhaar, PAN और बैंक खाता UAN से जुड़े हैं।
PF से आपका टेक-होम कैसे बदलता है, यह देखने के लिए सैलरी कैलकुलेटर आज़माएँ। आपके आँकड़े आपके डिवाइस पर ही रहते हैं।