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सिक्योर्ड लोन क्या है? गिरवी वाला और बिना गिरवी का लोन

सिक्योर्ड लोन किसी संपत्ति, जैसे सोना, गाड़ी या घर, के बदले मिलता है, जिसे न चुकाने पर लेंडर बेच सकता है। गोल्ड लोन के उदाहरण से समझें।

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सिक्योर्ड लोन का मतलब

सिक्योर्ड लोन (गिरवी वाला लोन) ऐसा लोन है जिसके पीछे आपकी कोई चीज़ होती है। उस चीज़ को कोलैटरल (collateral) या सिक्योरिटी कहते हैं। अगर आप लोन नहीं चुकाते, तो लेंडर (कर्ज़ देने वाली संस्था) को उसे बेचकर अपना बकाया वसूलने का अधिकार होता है।

अनसिक्योर्ड लोन के पीछे ऐसी कोई संपत्ति नहीं होती। लेंडर आपकी आमदनी और चुकाने के रिकॉर्ड पर भरोसा करता है। ज़्यादातर पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड और BNPL (buy now, pay later, अभी ख़रीदें, बाद में चुकाएँ) अनसिक्योर्ड होते हैं। RBI की परिभाषा के अनुसार माइक्रोफ़ाइनेंस लोन भी बिना गिरवी के होते हैं: ये ₹3,00,000 तक सालाना आय वाले परिवारों को मिलने वाले लोन हैं।

भारत में आम सिक्योर्ड लोन

लोन किसके बदले चीज़ किसके पास रहती है
गोल्ड लोन आपके सोने के गहने या सिक्के लोन चुकने तक सोना लेंडर के पास रहता है
होम लोन घर या फ़्लैट प्रॉपर्टी पर लेंडर का मॉर्गेज (क़ानूनी दावा) रहता है
वाहन लोन कार या दोपहिया लेंडर का दावा गाड़ी के रजिस्ट्रेशन में दर्ज होता है
FD पर लोन आपकी फ़िक्स्ड डिपॉज़िट बैंक FD पर निशान लगा देता है, ताकि आप उसे तोड़ न सकें
प्रॉपर्टी पर लोन आपका घर, दुकान या ज़मीन होम लोन की तरह मॉर्गेज

कुछ लोन में आप चीज़ इस्तेमाल करते रहते हैं, जैसे घर या बाइक। कुछ में, जैसे सोने के मामले में, लोन बंद होने तक चीज़ लेंडर के पास रहती है।

गोल्ड लोन का उदाहरण

सुनीता, 42 साल, अपने सोने के गहने गिरवी रखती है। लेंडर सोने (धातु) की क़ीमत ₹1,20,000 आँकता है। ₹2.5 लाख तक के निजी इस्तेमाल वाले गोल्ड लोन में RBI के नियम लोन को सोने की क़ीमत के 85% तक सीमित करते हैं। इसलिए वह ज़्यादा से ज़्यादा ₹1,02,000 उधार ले सकती है।

काल्पनिक उदाहरण। सोने की क़ीमत मान ली गई है। बुलेट लोन में, जहाँ सब कुछ आख़िर में चुकाया जाता है, 85% की सीमा में ब्याज भी शामिल होता है, इसलिए हाथ में कम पैसा आता है।

₹2.5 लाख से ₹5 लाख तक के लोन पर यह सीमा 80% और ₹5 लाख से ऊपर 75% हो जाती है। RBI के नियम आपको दो तरह से सुरक्षा भी देते हैं:

  • पूरा लोन चुकाने के बाद लेंडर को 7 कामकाजी दिनों में आपका सोना लौटाना होता है। अगर देरी लेंडर की गलती से हो, तो उसे हर दिन की देरी के लिए आपको ₹5,000 देने होते हैं।
  • अगर कभी सोने की नीलामी हो, तो रिज़र्व प्राइस (सबसे कम क़ीमत जो लेंडर मान सकता है) सोने की क़ीमत का कम से कम 90% होना चाहिए।

हमारी गाइड गोल्ड लोन बुलेट लोन का पेच, नीलामी और पूछे जाने वाले सवाल समझाती है।

सिक्योर्ड लोन क्या नहीं है

  • यह आपके लिए बिना जोखिम का नहीं है। किस्तें छूटने पर आपकी चीज़ जा सकती है, और यह आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में भी दर्ज होता है।
  • गारंटर कोलैटरल नहीं है। गारंटर वह व्यक्ति है जो वादा करता है कि आप नहीं चुकाएँगे तो वह चुकाएगा। गारंटर बनने से पहले हमारी गारंटर वाली गाइड पढ़ें।
  • “सिक्योर्ड” का मतलब हर बार सस्ता नहीं। सिक्योर्ड लोन पर दरें अक्सर कम होती हैं, पर फ़ीस और शुल्क अलग-अलग होते हैं। नाम नहीं, KFS में दिया गया APR (फ़ीस समेत सालाना लागत) मिलाएँ।

क्या जाँचें

  1. ठीक-ठीक पता करें कि आप क्या गिरवी रख रहे हैं और उसकी क़ीमत कैसे आँकी जाती है।
  2. पूछें कि एक किस्त छूटने पर क्या होगा, और लेंडर चीज़ कब बेच सकता है।
  3. साइन करने से पहले KFS (Key Facts Statement, लोन की मुख्य शर्तों का पन्ना) में APR और सारे शुल्क देखें।
  4. हर रसीद संभालकर रखें, जैसे गोल्ड लोन का पावती कार्ड या प्रॉपर्टी के जमा किए गए काग़ज़ों की सूची।

अगर सिक्योर्ड लोन चुकाना मुश्किल हो रहा है, तो ड्यू डेट से पहले लेंडर से बात करें। हमारे पेज चुकाना मुश्किल है? पर व्यावहारिक क़दम हैं। किसी लोन की EMI और कुल लागत देखने के लिए EMI और कुल लागत कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड लोन में क्या फ़र्क है?

सिक्योर्ड लोन के पीछे आपकी कोई संपत्ति होती है, जैसे सोना, वाहन, घर या फ़िक्स्ड डिपॉज़िट। अगर आप न चुकाएँ, तो लेंडर उसे बेचकर बकाया वसूल सकता है। अनसिक्योर्ड लोन के पीछे कोई संपत्ति नहीं होती, इसलिए लेंडर आपकी आय और क्रेडिट रिकॉर्ड पर भरोसा करता है। ज़्यादातर पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड और माइक्रोफ़ाइनेंस लोन अनसिक्योर्ड होते हैं।

क्या गोल्ड लोन सिक्योर्ड लोन है?

हाँ। आप सोने के गहने या सिक्के गिरवी रखते हैं, और लेंडर उन्हें तब तक रखता है जब तक आप लोन न चुका दें। RBI के नियमों के अनुसार ₹2.5 लाख तक के निजी इस्तेमाल वाले गोल्ड लोन की सीमा सोने की कीमत का 85% है। पूरा लोन चुकाने के बाद लेंडर को 7 कामकाजी दिनों में आपका सोना लौटाना होता है। अगर देरी उसकी गलती से हो, तो वह आपको हर दिन ₹5,000 देता है। हमारी गोल्ड लोन गाइड देखें।

होम लोन सिक्योर्ड है या अनसिक्योर्ड?

होम लोन सिक्योर्ड लोन है। लोन पूरा चुकने तक लेंडर के पास मॉर्गेज होता है, यानी घर या फ़्लैट पर कानूनी दावा। आप घर में रहते रहते हैं। अगर आप किस्तें चुकाना बंद कर दें, तो लेंडर संपत्ति बेचने के लिए कानूनी क़दम उठा सकता है। लागू होने वाले चार्ज और क़दमों के लिए KFS और लोन एग्रीमेंट देखें।

अगर मैं सिक्योर्ड लोन न चुका पाऊँ, तो क्या होगा?

आपके एग्रीमेंट और नियमों में बताए क़दमों के बाद लेंडर उस संपत्ति से अपना बकाया वसूल सकता है। गोल्ड लोन के लिए RBI के नियम कहते हैं कि किसी भी नीलामी में रिज़र्व प्राइस सोने की कीमत के कम से कम 90% होना चाहिए। छूटी किस्तें आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में भी दिखती हैं। लेंडर से जल्दी बात करें, और हमारा भुगतान मुश्किल है? पेज देखें।