मूलधन का मतलब
मूलधन (principal) वह रकम है जो आपने उधार ली, ब्याज जुड़ने से पहले। अगर आप ₹80,000 का लोन लेते हैं, तो मूलधन ₹80,000 है। ब्याज उस पैसे को इस्तेमाल करने की क़ीमत है, और यह उस मूलधन पर लगता है जो अभी बाकी है।
जैसे-जैसे आप चुकाते हैं, मूलधन घटता है। जो हिस्सा अभी चुकाना बाकी है, उसे बकाया मूलधन (outstanding principal) कहते हैं। घटती दर (reducing balance) वाले लोन में ब्याज सिर्फ़ इसी बकाया रकम पर लगता है, इसलिए यह हर महीने कम होता जाता है।
दीपा का लोन
दीपा, 34 साल, घर की मरम्मत के लिए ₹80,000 उधार लेती है। लोन 12 महीने का है, 15% सालाना की घटती दर पर। उसकी EMI (equated monthly instalment, हर महीने की तय किस्त) ₹7,221 है।
हर EMI पहले कुछ ब्याज चुकाती है और फिर कुछ मूलधन:
| महीना | ब्याज का हिस्सा | मूलधन का हिस्सा | बाकी मूलधन |
|---|---|---|---|
| 1 | ₹1,000 | ₹6,221 | ₹73,779 |
| 6 | ₹601 | ₹6,619 | ₹41,490 |
| 12 | ₹89 | ₹7,132 | ₹0 |
छह EMI के बाद दीपा ₹43,324 चुका चुकी है। इसमें से ₹38,510 मूलधन में गए और ₹4,814 ब्याज में। यानी आधा रास्ता पार करने पर भी उसने आधे से कम मूलधन चुकाया है और उस पर अभी ₹41,490 बाकी है। पूरे साल में वह ₹86,648 चुकाती है, यानी ₹80,000 के मूलधन के ऊपर ₹6,648 ब्याज।
काल्पनिक उदाहरण। 15% की दर सिर्फ़ समझाने के लिए है, यह कोई ऑफ़र नहीं। Paisavy ने मानक EMI फ़ॉर्मूले से गणना की है, रकम नज़दीकी रुपये तक राउंड की गई है। फ़ीस शामिल नहीं है।
मूलधन वह रकम नहीं जो हाथ में आती है
लेंडर (कर्ज़ देने वाली संस्था) अक्सर प्रोसेसिंग फीस (लोन तैयार करने का एक बार का शुल्क) और उस पर GST पैसा देने से पहले ही लोन से काट लेते हैं। आपका मूलधन वही रहता है, पर खाते में कम पैसा आता है। ब्याज फिर भी पूरे मूलधन पर लगता है। इसीलिए आपके KFS (Key Facts Statement, साइन करने से पहले मिलने वाला लोन का छोटा सार) में APR (फ़ीस समेत सालाना लागत) ब्याज दर से ज़्यादा होता है। हमारा प्रोसेसिंग फीस वाला पेज इसे आँकड़ों के साथ दिखाता है।
मूलधन कुल चुकाई जाने वाली रकम भी नहीं है। कुल रकम में सारा ब्याज जुड़ता है, और लंबे लोन में यह बड़ा हिस्सा हो सकता है।
यह कहाँ दिखता है
- KFS और सैंक्शन लेटर: लोन की रकम ही मूलधन है।
- रीपेमेंट शेड्यूल: “principal” वाला कॉलम बताता है कि हर EMI से आपका लोन कितना घटा।
- लोन स्टेटमेंट या ऐप: “principal outstanding” या “balance” देखें।
- फ़ोरक्लोज़र स्टेटमेंट: लोन जल्दी बंद करने पर लेंडर बकाया मूलधन, उस दिन तक का ब्याज और अगर कोई शुल्क हो, तो वह लिखकर देता है।
मूलधन में अतिरिक्त भुगतान
पार्ट-प्रीपेमेंट (EMI के ऊपर दी गई एकमुश्त अतिरिक्त रकम) बकाया मूलधन में जाता है। मूलधन कम होगा तो आगे का ब्याज भी कम होगा। लेंडर से पूछें कि इस पैसे से आपकी EMI घटेगी या लोन की अवधि, और क्या कोई शुल्क लगेगा। हमारी गाइड लोन जल्दी चुकाना दोनों विकल्प समझाती है।
क्या जाँचें
- लोन की रकम को उस रकम से मिलाएँ जो असल में आपके खाते में आएगी।
- शेड्यूल में देखें कि एक साल बाद आप पर कितना मूलधन बाकी रहेगा।
- लोन जल्दी बंद करने से पहले लिखित फ़ोरक्लोज़र स्टेटमेंट माँगें।
- देखें कि हर अतिरिक्त भुगतान मूलधन में कमी के रूप में दिख रहा है।
अपने लोन की हर EMI में मूलधन और ब्याज देखने के लिए EMI और कुल लागत कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।