SHG का मतलब
SHG का पूरा नाम self-help group (स्वयं सहायता समूह) है। यह कुछ लोगों का छोटा समूह है, अक्सर एक ही गाँव या मोहल्ले की महिलाएँ, जो नियमित रूप से मिलती हैं, तय रकम बचाती हैं और साझा हिसाब रखती हैं। समय के साथ समूह अपनी बचत से सदस्यों को उधार दे सकता है। वह समूह के तौर पर बैंक से भी उधार ले सकता है और वह पैसा सदस्यों को आगे दे सकता है।
क्रम अहम है। SHG की शुरुआत बचत और नियमित बैठकों से होती है। लोन बाद में आते हैं, जब समूह का एक रिकॉर्ड बन जाता है।
बचत का एक उदाहरण
नासिक की एक गली की बारह महिलाएँ एक SHG बनाती हैं। हर एक बैठक में ₹200 महीना जमा करती है।
- समूह हर महीने ₹2,400 बचाता है।
- एक साल बाद कुल जमा बचत ₹28,800 होती है, उस ब्याज के बिना जो समूह अपने अंदरूनी लोन पर लेता है।
जब पार्वती को बेटे की स्कूल फ़ीस के लिए ₹5,000 चाहिए, तो समूह इसी जमा से, सदस्यों की मिलकर तय की गई शर्तों पर, उसे उधार दे सकता है। अगर समूह बाद में बैंक से उधार लेता है, तो बैंक देखता है कि समूह ने कितनी अच्छी तरह बचत की, बैठकें कीं और हिसाब रखा।
काल्पनिक उदाहरण। गणना Paisavy ने की है।
यह शब्द कहाँ सुनाई देता है
“SHG” आप बैंक स्टाफ़, सरकारी योजना के कार्यकर्ताओं और गाँव की बैठकों में सुनेंगे। बैंक से जुड़े कई SHG राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) का हिस्सा हैं। समूह अपनी पासबुक, बैठकों का रजिस्टर और सदस्य खाता-बही (हर व्यक्ति की बचत और लोन का हिसाब) रखता है। बैंक लोन समूह के नाम पर होता है, हर सदस्य के नाम पर नहीं।
SHG और JLG अलग हैं
लोग अक्सर दोनों को एक समझ लेते हैं। मुख्य फ़र्क:
| SHG | JLG | |
|---|---|---|
| उधार कौन लेता है | समूह, एक इकाई के तौर पर | हर सदस्य, अपने नाम पर |
| शुरुआत | बचत और बैठकें | लोन |
| अगर कोई सदस्य न भर पाए | समूह अपने नियमों से तय करता है | कॉन्ट्रैक्ट तय करता है; सदस्यों को भरना पड़ सकता है |
हमारी गाइड ग्रुप लोन (JLG और SHG) दोनों को विस्तार से समझाती है, जिसमें कुछ ग्रामीण महिला समूहों को मिलने वाली ब्याज सहायता भी शामिल है। यह भी देखें: JLG।
SHG क्या नहीं है
- यह चिट फ़ंड या BC कमेटी नहीं है। वे बोली वाली स्कीमें हैं, जिनके अपने कानून और जोखिम हैं। देखें हमारी गाइड चिट फ़ंड और BC कमेटी।
- यह ऊँचे रिटर्न का वादा करने वाली डिपॉज़िट स्कीम नहीं है। अगर कोई “SHG” के नाम पर पैसा जमा करे और बड़ी रकम लौटाने का वादा करे, तो सावधान रहें।
- माइक्रोफाइनेंस लेंडर का लोन सिर्फ़ इसलिए SHG लोन नहीं बन जाता कि आप समूह में मिलते हैं। पूछें कि लोन समूह के नाम पर है या आपके।
जुड़ने से पहले क्या जाँचें
- समूह के नियम लिखित में देखें: हर महीने की बचत, अंदरूनी लोन पर ब्याज, और कोई सदस्य छोड़ दे तो क्या होगा।
- देखें कि हिसाब खुलकर रखा जाता है और बैठकों में पढ़कर सुनाया जाता है।
- पता करें कि समूह का खाता किस बैंक में है और उस पर कौन साइन कर सकता है।
- अगर समूह बैंक लोन लेता है, तो पूछें कि हर सदस्य को कितना हिस्सा और किन तारीख़ों पर चुकाना है।
SHG की नियमित बचत आपकी योजना का हिस्सा हो सकती है। इसे अपने मासिक बजट में तय ख़र्च की तरह जोड़ें, ताकि बाकी ज़रूरतें न दबें।