नो-कॉस्ट EMI का मतलब
नो-कॉस्ट EMI किसी चीज़ को अभी ख़रीदकर बराबर मासिक किस्तों (EMI) में चुकाने का तरीका है, जिनका जोड़ लेबल पर लिखी कीमत के बराबर होता है। यह फिर भी एक लोन है। लेंडर हमेशा की तरह ब्याज लेता है, और दुकान या ब्रांड उतनी ही छूट दे देता है, इसलिए ब्याज गायब-सा लगता है।
लेंडर या तो आपकी क्रेडिट कार्ड कंपनी होती है, या कोई NBFC (ऐसी फ़ाइनेंस कंपनी जो बैंक नहीं है) जो फ़ोन, टीवी और फ़्रिज जैसी चीज़ों के लिए लोन देती है। ब्याज की भरपाई करने वाली इस छूट को अक्सर subvention कहते हैं।
एक छोटा उदाहरण
दिव्या, 30 साल, अपने क्रेडिट कार्ड पर ₹18,000 की वॉशिंग मशीन ख़रीदती है: ₹3,000 की 6 EMI। कार्ड कंपनी की दर 14% सालाना है, और ₹199 प्रोसेसिंग फ़ीस के साथ GST अलग है।
| ₹ | |
|---|---|
| छह EMI | 18,000 |
| अंदर छिपा ब्याज (छूट से भरपाई) | 713 |
| उस ब्याज पर GST (सिर्फ़ कार्ड EMI में) | + 128 |
| GST समेत प्रोसेसिंग फ़ीस | + 235 |
| दिव्या कुल कितना देती है | 18,363 |
यानी “नो-कॉस्ट” की कीमत उसके लिए ₹363 है, जो कीमत का लगभग 2% है। अगर दुकान पूरा भुगतान करने पर ₹900 की छूट भी दे रही होती, तो वह अभी ₹17,100 देती। उस कीमत के मुकाबले EMI वाला रास्ता ₹1,263 महँगा पड़ता है।
कार्ड की जगह NBFC लोन हो, तो ब्याज पर GST नहीं लगता, इसलिए अतिरिक्त खर्च ₹235 होता।
काल्पनिक उदाहरण। दर और फ़ीस सिर्फ़ समझाने के लिए हैं, यह कोई ऑफ़र नहीं। Paisavy ने गणना की है और रकम नज़दीकी रुपये तक राउंड की है।
हमारी गाइड नो-कॉस्ट EMI: क्या यह सच में मुफ़्त है? कार्ड EMI और NBFC लोन की ज़्यादा विस्तार से तुलना करती है।
यह कहाँ दिखती है
- चेकआउट पेज या दुकान के प्राइस टैग पर, “No-cost EMI” या “0% EMI” के रूप में।
- आपके क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट पर, मूलधन, ब्याज, छूट और GST की अलग-अलग लाइनों में। RBI के नियम कहते हैं कि कार्ड कंपनी को ख़रीदारी को EMI में बदलने से पहले, और स्टेटमेंट पर भी, मूलधन, ब्याज और छूट दिखानी होगी।
- अगर लेंडर NBFC है, तो KFS (Key Facts Statement, लोन का छोटा सार) में। कार्ड EMI के साथ लोन वाला KFS नहीं मिलता।
यह क्या नहीं है
यह शून्य ब्याज नहीं है। ब्याज लगता है और फिर उसकी भरपाई होती है। कार्ड पर उस ब्याज का 18% GST आपको ही देना होता है।
जब पूरा भुगतान करने पर नकद छूट मिल रही हो, तो यह पूरा भुगतान करने से सस्ती नहीं है। EMI के कुल जोड़ की तुलना लेबल की कीमत से नहीं, उस सबसे कम कीमत से करें जो आप आज दे सकते हैं।
किस्त छूट जाए तो यह मुफ़्त नहीं रहती। छूटी हुई EMI आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में जाती है, और लेट फ़ीस लगती है। “नो-कॉस्ट” वाली शर्तें भी ख़त्म हो सकती हैं।
क्या जाँचें
- हर छूट के बाद अभी भुगतान करने की सबसे कम कीमत पूछें।
- प्रोसेसिंग फ़ीस पूछें, और यह भी कि GST अलग से है या नहीं।
- कार्ड पर अगले स्टेटमेंट में “GST on interest” वाली लाइनें देखें।
- देखें कि EMI आपके सबसे कमज़ोर महीने में भी बजट में बैठती है, सिर्फ़ औसत महीने में नहीं।
अपने आँकड़ों से किसी ऑफ़र की असली लागत देखने के लिए नो-कॉस्ट EMI कैलकुलेटर इस्तेमाल करें। आप जो भी भरते हैं, वह आपके डिवाइस से बाहर नहीं जाता।